चाइल्ड पॉर्नोग्राफी पड़ेगी भारी , हो सकती है पांच साल तक की कैद

चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का व्यवसायिक इस्तेमाल, संबंधित वीडियो देखना, संग्रह करना और इसे फैलाना अब एक गंभीर अपराध हो सकता है। पॉस्को एक्ट में हुए संसोधन के बाद अब इस एक्ट में पाच साल तक की कैद और जुर्माना भी हो सकता है। इसके अलावा, यह अपराध गैर जमानती अपराध भी हो गया है। यदि दूसरी बार दोषी पाया जाता है, तो सात साल तक कारावास लगाया जा सकता है।

इस प्रस्तावित कानून में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के व्यवसायिक इस्तेमाल को लेकर कानून काफी सख्त कर दिये गए है। इस कानून में पहले दोषी पाए जाने पर सिर्फ 3 साल तक ही सजा होती थी , लेकिन अब इसे संसोधित कर इस सजा को पांच साल का कर दिया गया है। इसके साथ ही अगर आपने इस जुर्म को दोहराया तो आरोपी को सात साल की सजा भी हो सकती है।

व्हाट्सऐप पर वीडियों और फोटों से सावधान

इस कानून में संसोधन होने के बाद अगर आपके व्हाट्सऐप पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ा कोई भी वीडियों और फोटों आता है और आप इसकी जानकारी छुपाते है तो इसके लिए आप को भी सजा हो सकती है। कानून मंत्रालय ने इसके लिए कानून में संसोधन को मंजूरी दे दी है।

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