एमएनएस के बागी नगरसेवकों की सुनवाई पर एमएनएस ने उठाये सवाल

एमएनएस छोड़ शिवसेना में गए 6 नगरसेवकों के मामले की सुनवाई सोमवार को होनी थी, यह सुनवाई कोंकण की उपस्थिति थी लेकिन कोंकण कमिश्नर के छुट्टी पर चले जाने के कारण इस सुनवाई को टाल दी गयी। हालांकि इस मौके पर शिवसेना और एमएनएस दोनों पक्षों के वकील उपस्थित थे। कोंकण कमिश्नर जगदीश पाटिल सहित छह और लोगों के अनुपस्थित रहने पर यह सुनवाई नहीं हो पाई।  

सुनवाई पर उठे सवाल

आपको बता दें कि एमएनएस पार्टी से बगावत कर दिलीप लांडे के नेतृत्व में छह नगरसेवक शिवसेना का दामन थाम लिया था। एमएनएस ने कोंकण कमीशन से इन नगरसेवकों की मान्यता रद्द करने की मांग की। आशा जताई जा रही थी कि इस मामले तीन महीने में पूरी हो जाएगी लेकिन यह मामला खींचते खींचते अब चार महीना हो गया है और अब संबंधित अधिकारियों के द्वारा अनुपस्थित रहने से मामले की सुनवाई पर ही सवाल उठने लगे हैं।

इस बारे में एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि कोंकण के आयुक्त पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कृपा है। इस मामले में आयुक्त नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

एमएनएस से बागी होकर शिवसेना में प्रवेश करने वाले जो छह नगरसेवक हैं उनके नाम दिलीप लांडे, हर्षला मोरे, दत्ता नरवणकर, अर्चना भालेराव, परमेवर कदम, अश्विनी माटेकर है।

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