राज ठाकरे द्वारा पुलवामा हमले को लेकर दिए गये विवादित बयान के मद्देनजर याचिका दाखिल कर उनके बयान की सीआईडी जांच की मांग की गयी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने की मांग को नकार दिया। यह याचिका वकील एस. बालाकृष्णन द्वारा दायर की गयी थी।
क्या कहा था राज ठाकरे ने?
मनसे अध्यक्ष राज ने अपनी पार्टी की 13वें स्थापना दिवस के मौके पर एक जनसभा का आयोजन किया था। उस जनसभा में राज ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि चुनाव से पहले पुलवामा जैसा आतंकी हमला फिर से हो सकता है। राज की यह जनसभा 9 मार्च को मुंबई में आयोजित की गयी थी।
राज के इस भाषण के बाद सीनियर वकील एस. बालाकृष्णन ने चेंबूर पुलिस स्टेशन पर लिखित शिकायत कर राज के इस भाषण की सीआईडी जांच की मांग की थी। बालाकृष्णन ने अपनी शिकायत में लिखा था कि देश की सुरक्षा के संदर्भ में राज ठाकरे का यह बयान काफी आपत्तिजनक है। इतनी गंभीर बात के लिए राज ठाकरे के ऊपर आखिर क्यों केस दर्ज नहीं किया गया? इसके साथ ही बालाकृष्णन ने राज ठाकरे की गिरफ्तारी की भी मांग की थी।
साथ ही बालाकृष्णन ने इस मामले में कोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी। लेकिन मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हुई, जिस पर कोर्ट की तरफ से कहा गया कि वह बालाकृष्णन की याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं करेगा।