मुंबई में कई अस्पताल है जो चैरिटेबल पर चलते है , हालांकी इनमें से कई अस्पताल अपने नाम के आगे चैरिटेबल शब्द नहीं लगाते है। रिटी कमिश्नर ने जुलाई में एक नोटिफिकेशन जारी कर इन सभी अस्पतालों को उनके नाम के साथ चैरिटेबल शब्द जोड़ने का निर्देश दिया था। शुरुआत में अस्पतालों ने इसे स्वीकार नहीं किया, लेकिन अब मुंबई के प्रमुख अस्पताल अपने नाम के आगे चैरिटेबल शब्द जोड़ने को तैयार हो गए हैं।
रिटेबल शब्द जोड़ने से मरीजों को लाभ
बॉम्बे अस्पताल, ब्रीच कैंडी, लीलावती, होली फैमिली, कोकिलाबेन जैसे मुंबई में 78 अस्पताल 'चैरिटेबल' (धर्मादा) हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को जागरूक करने और चैरिटेबल अस्पतालों में उपचार सुलभ कराने के लिए राज्य चैरिटी कमिश्नर शिवकुमार दिघे ने यह आदेश जारी किया था। रिटेबल शब्द जोड़ने से न केवल मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि चैरिटेबल अस्पतालों की जानकारी भी लोगों को आसानी से हो सकेगी।
फिलहाल मुंबई के इन 78 अस्पतालों में से केवल 4 अस्पताल ही ऐसे हैं, जिन्होंने अपने नाम के साथ चैरिटेबल शब्द जोड़ा है।
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