हबीब इस्माइल एज्युकेशनल ट्रस्ट में पढ़नेवाले लगभग 5000 छात्रों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है और इसकी वजह है यहां पर अग्निविरोधक नियमों का पालन ना होना। कई बार शिकायत के बाद भी बीएमसी ने इस ओर कोई भी कमद नहीं उठाया है। शिक्षण संस्थान की छत पर एक रेस्तरां चलाया जा रहा है। ट्रस्ट इमारत की ऊपरी मंजिलों पर एक स्कूल और कॉलेज चलाता है और ग्राउंड प्लोर पर एक खुली जगह में एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर खाना बनाया जाता है। जिससे यहां किसी भी समय हादसा होने का डर बना रहता है।
इतनी ही नहीं ,
कानून के सरासर उल्लंघन में,
इमारत की छत पर एक धूम्रपान क्षेत्र भी है। भारत में धूम्रपान विरोधी कानून के अनुसार,
स्कूलों और कॉलेजों में धूम्रपान निषेध है और किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100
मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री की अनुमति नहीं है। आग के बड़े जोखिम के बारे में मुंबई फायर ब्रिगेड के साथ शिकायत दर्ज की गई है। मुंबई लाइव के पास शिकायत की सॉफ्ट कॉपी भी है जिसमें कहा गया है कि ग्राउंड फ्लोर पर खुले स्थान पर रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करके खाना बनाया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मानसून शेड लगाकर खाना बनाया जा रहा है जिससे छात्रों को आनेजाने में भी तकलीफ होती है। इमारत के छत पर पेंट्री और वॉशरूम के साथ साथ कार्यालय केबिन के निर्माण के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है। हालांकि इस निर्माण के लिए ट्रस्ट के पास किसी भी तरह को कोई भी आधिकारिक दस्तावेज नहीं है।
इमारत की पूरी छत को एक खेल मैदान में बदल दिया गया है, जिसका उपयोग 'केसरबाग ट्रस्ट' द्वारा खेल गतिविधियों को करने के लिए किया जाता है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि खेल मैदान को अवैध रूप से जी.आई. पोल्स द्वारा बनाया गया है जो चारों तरफ से जालीदार हैं। जिसके कारण किसी भी इमरजेंसी समय में छात्रों को छत पर इकठ्ठा नहीं किया जा सकता है।
खाना पकाने करने के लिए CFO
विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र
(NOC)
की आवश्यकता अनिवार्य है। लेकिन शिकायत में इस बात को साफ कहा गया है की इसके लिए कोई भी जरुरी अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है। इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर के ओपन पर खाने को जमा किया जाता है। इमारत के 6
निकाय द्वार में से 4
पर ताला लगा हुआ भी पाया गया है।
इसके अलावा,
छत पर मोबाइल टावरों की स्थापना छात्रों के स्वास्थ्य के मुद्दों का कारण बन सकती है क्योंकि इमारत के ऊपरी मंजिलों का उपयोग हबीब इस्माइल एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा स्कूल और कॉलेज के लिए किया जाता है जहां लगभग
5,000
छात्र पढ़ते है।