सुप्रीम कोर्ट में चल रही आधार अनिवार्यता की सुनवाई पूरी हो चुकी है। मामले की सुनवाई कर रहे पांच जजों की संविधान पीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यही संवैधानिक पीठ ही तय करेगा कि आधार निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है या नहीं? इस बार इस मामले की यह 38वीं सुनवाई थी। सप्रीम कोर्ट ने आधार मामले की सुनवाई अब तक दूसरी सबसे अधिक दिनों तक चली सुनवाई है।
दूसरी बड़ी सुनवाई
अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह दूसरी सबसे बडी सुनवाई है। इसके पहले 1973 में मौलिक अधिकारों को लेकर केशवानंद भारती केस की सुनवाई करीब पांच महीने तक चली थी।
आधार पर फैसला आने तक रोक
जिन पांच जजों की खंडपीठ ने इसकी सुनवाई की उसमें चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण जैसे जज शामिल हैं। इस खंडपीठ ने आधार पर फैसला आने तक केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर रोक लगाई गई है। जिसमें मोबाइल सिम सहित बैंक खाते भी सम्मिलित हैं।