30 जनवरी को दिंडोशी के 15 साल के निशांत अनिल यादव की मौत का सस्पेंस बढ़ गया है। निशांत के दादा श्रीकृष्ण प्रसाद यादव का कहना है कि उन्हें शक है कि उनके पोते की हत्या हुई है। उन्हें इसके पीछे किसी ड्रग एडिग्ट का हाथ लगता है। उन्होंने अनुरोध किया है कि दिंडोशी पुलिस और क्राइम ब्रांच इस केस की तह तक जाए। उन्हें मालूम है कि उनका पोता अब उन्हें वापस नहीं मिल सकता, पर वह यह अनुरोध कर रहे हैं, ताकि किसी दूसरे के साथ इस तरह की वारदात न हो।
मृतक के दादा का कहना है कि ३० जनवरी को निशांत घटना वाले दिन शाम 6 बजकर 50 मिनट तक बिल्डिंग में ही था और साइकिल चला रहा था। अचानक जब वह गायब हो गया और उसके मोबाइल की घंटी बजती रही, तो परिवार परेशान उठा। अगले दिन कांदिवली के शताब्दी अस्पताल से पता चला कि एक्सीडेंट मालाड का था।
लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भगवती अस्पताल भेज दिया गया। जो डर था, वह आशंका सही साबित हुई। वह उनका पोता ही निकला। जीआरपी ने बताया कि निशांत की मालाड और गोरेगांव के बीच लोकल ट्रेन की टक्कर से मौत हुई है। श्रीकृष्ण प्रसाद यादव कहते हैं कि उनका पोता रेलवे ट्रैक क्यों जाएगा, यह कहानी समझ से बाहर है।उन्होंने इस सम्बन्ध में पुलिस प्रशासन से जांच की मांग की है।