मुंबई विश्वविद्यालय पिछलें कुछ दिनों से खबरों में बना हुआ है , कभी परीक्षा परिणाम को लेकर तो कभी परीक्षा फिस की बढ़ोत्तरी को लेकर। अब एक यह निकलकर सामने आ रही है की दरअसल 3700 प्रोफेसर ने किसी भी उत्तर पुस्तिकाकी जांच नहीं की थी , जिसके कारण इस साल परीक्षा परिणाम में देरी हुई।
नवभारट टाईम्स में छपी एक खबर के अनुसार ऑनलाइन मूल्यांकन के लिए लगाए गए 16,800 प्राध्यापकों में से 3,700 प्राध्यापकों ने एक भी उत्तर पुस्तिका को नहीं जांचा, जिसके कारण परीक्षा के परिणाम घोषित होने में देरी लगी , अब विश्वविद्यालय ऐसे शिक्षको के बारे में पता करने में जुटा है। जिसके बाद उनपर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभारी कुलपति डॉ. शिवानंद शिंदे ने अखबार को बताया की पहले सत्र में जिन वजहों से परीक्षा परिणाम घोषित करने में देरी हुई उन्हे अब सुधार लिया गया है। और अगले सत्रके लिए ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली और संबंधित सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है।