महाराष्ट्र सरकार (maharashtra government) ने हाल ही में सिनेमाघरों और नाट्यगृहों को 50 फीसदी दर्शको के क्षमता के साथ शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि, कोरोना (Coronavirus) के खतरे को देखते हुए कोरोना संबंधी सभी प्रोटोकाल (protocol) का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
इस बाबत राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) ने कोरोना संबंधी सभी नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही मास्क (mask) नहीं तो प्रवेश नहीं जैसे सूत्र वाक्य का पालन करने का आव्हन भी किया है।
मराठी रंगमंच दिवस के अवसर पर, मुख्यमंत्री ने रंगमंच के सभी नाटककारों, कलाकारों, निर्माता और निदेशकों के साथ वीडियो कॉलिंग के द्वारा बातचीत की।
इस अवसर पर सांस्कृतिक मामलों के मंत्री अमित देशमुख, मुख्य सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खड़गे और सांस्कृतिक मामलों के सचिव सौरभ विजय भी उपस्थित थे।
इस मौके पर, उद्धव ठाकरे ने कहा कि, कोरोना-लॉकडाउन (lockdown) के दौरान निर्माताओं को बहुत नुकसान हुआ है। सरकार उन्हें राहत देने के लिए नाट्यगृहों के किराए को लेकर विचार करेगी।
लंदन और यूरोप में कोरोना प्रसार में फिर से वृद्धि हो रही है। फिल्म और थियेटर में अंतर यह है कि थियेटर में रीटेक नहीं होते है। इसलिए, वहां अधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। प्रत्येक निर्माता को कलाकारों की जांच करनी चाहिए, कलाकारों को मंच पर सोशल डिस्टेंस का पालन करना चाहिए, साफ सफाई रखनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि, थिएटर में भी 'नो मास्क नो एंट्री' नियम होना चाहिए। यह देखना चाहिए कि थिएटर के बाहर खाने के स्टॉल भी नियमों का पालन करते हैं या नहीं।