निकट भविष्य में तकनीक के विकास से दिव्यांगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और उनका जीवन आसान होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दिव्यांगों के लिए वरदान साबित होगी, राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि दिव्यांगता एक नुकसान जरूर रहेगी, लेकिन प्रगति में बाधा नहीं बनेगी। (Mumbai Maharashtra Governor Distributes AI Smart Glasses to Visually Impaired students)
राज्यपाल बैस उस समय बोल रहे थे, जब राज्यपाल बैस की मौजूदगी में मलाड मुंबई में 100 दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित स्मार्ट चश्मे वितरित किए गए। करीब 20 हजार रुपये की कीमत वाले ये तकनीक आधारित स्मार्ट चश्मे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को पढ़ाई, स्कूल या अन्य जगह जाने और अन्य दैनिक गतिविधियों में मदद करेंगे। इन चश्मों में लेंस, प्रोसेसर और स्पीकर शामिल हैं।
विश्व में आठ में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में दिव्यांग है, जबकि भारत की दो प्रतिशत आबादी दिव्यांग है। राज्यपाल ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। राज्यपाल ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए मानवाधिकार आयोग और मोतीहा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अगर दिव्यांगों को सही अवसर दिए जाएं तो वे हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
राज्यपाल ने स्मार्ट ग्लास खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और अन्य समाजसेवियों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर इंटेंशनल चैरिटेबल ट्रस्ट की वेबसाइट का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम में 75 दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के चेक भी प्रदान किए गए।
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