देश को टिकाऊ और हरित ऊर्जा स्रोतों से सशक्त बनाने के केंद्र सरकार के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।देश का पहला बैटरी चालित मालवाहक जहाज निकट भविष्य में बनाया जाएगा। 3,000 टन क्षमता वाले इस जहाज का निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
देश को हरित नौवहन और हरित समुद्री क्षेत्रों का केन्द्र बनाने पर एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन हाल ही में मुम्बई में केन्द्रीय नौवहन और बंदरगाह मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में आयोजित किया गया।देश के पहले बैटरी चालित मालवाहक जहाज की घोषणा मुंबई बंदरगाह पर परिचालन करने वाली कंपनी एसएसआर मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने की।
इससे 10 प्रतिशत ईंधन की बचत होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी उतनी ही कमी आएगी। सम्मेलन में बोलते हुए एसएसआर मरीन के संजीव अग्रवाल ने बताया कि, "यह 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में समुद्री क्षेत्र में पहला बड़ा कदम है।"
एक डीजल-इलेक्ट्रिक मालवाहक जहाज बनाया जाना है। डीजल आधारित बिजली का उत्पादन किया जाएगा और उसे बैटरियों में संग्रहित किया जाएगा। जहाज उस बैटरी के आधार पर आगे बढ़ेगा। इस तरह की तकनीक का उपयोग फिलहाल भारत में केवल पनडुब्बियों में ही किया जाता है। इसे मालवाहक जहाज पर लाया जा रहा ह
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