महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सुझाव दिया कि स्थानीय जन प्रतिनिधियों, तहसीलदारों, तलाथिस, पर्यवेक्षकों, वार्ड अधिकारियों को 'मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना' योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए। 'मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना' योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आज मंत्रालय में मंत्री अदिति तटकरे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। (Chief Minister Meri Ladli Behan Yojana- Aaganwadi worker gets remuneration of Rs 50 for each form)
इस बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव डॉ.अनूप कुमार यादव, आयुक्त कैलास पवार उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो संचार प्रणाली के माध्यम से उपस्थित थे।
मंत्री तटकरे ने कहा कि 'मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना' योजना को समाज की अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में योजना की संपूर्ण जानकारी बोर्ड लगाए जाएं ताकि सभी महिलाएं पात्रता और अयोग्यता को समझ सकें योजना से संबंधित मानदंड। साथ ही विभाग द्वारा ऑफलाइन फॉर्म भरते समय किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लेने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
तालुका ग्राम स्तर पर प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाना चाहिए और उस ग्रुप को इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए। प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रत्येक फॉर्म के लिए 50 रुपये का पारिश्रमिक मिलेगा। इसलिए, यह सुनिश्चित करने का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई धोखाधड़ी या पैसे की मांग न हो।
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह योजना ग्राम स्तर के साथ-साथ तालुका स्तर पर भी संबंधित पक्षों के सहयोग से सफल होनी चाहिए, उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियां सुबह चार घंटे खुली रहती हैं।इसके बाद प्रत्येक आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका को एक घंटे का प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया जाए। इस मौके पर उन्होंने सुझाव दिया कि इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए सभी को आपस में समन्वय स्थापित करना चाहिए।
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