शेयर बाजार में निवेश पर अच्छे रिटर्न का वादा करके साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से 75 वर्षीय पेंशनभोगी को 11 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने 32 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया था। पता चला कि अपराध के 44 लाख रुपये आरोपी के डेबिट कार्ड से एक बैंक खाते में जमा किए गए थे। आरोपियों के पास से 33 डेबिट कार्ड और 12 चेक बुक बरामद की गई हैं। साउथ रीजनल साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है। (Mumbai One arrested in Rs 11 crore cyber fraud case)
कोलाबा निवासी 75 वर्षीय शिकायतकर्ता 1985 में जहाज कप्तान के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की। वहां से वे ऑपरेशंस मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए। इसी साल अगस्त महीने में उन्हें अनाया स्मिथ नाम की महिला ने एक वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल किया था।
उन्होंने देश की एक बड़ी ब्रोकिंग कंपनी के नाम से यह ग्रुप बनाया था। शिकायतकर्ता को प्रलोभन दिया गया कि यदि आप इस कंपनी के माध्यम से निवेश करेंगे तो आपको भारी लाभ मिलेगा। इस पर विश्वास करते हुए उन्होंने निवेश करने का फैसला किया। महिला के अनुरोध पर शिकायतकर्ता ने 22 ट्रांजैक्शन के जरिए विभिन्न खातों में 11 करोड़ 16 लाख 61 हजार रुपये जमा कराए थे।
इस मामले में केस दर्ज होने के बाद पता चला कि जिस बैंक खाते में रकम जमा थी, उससे एक महिला ने 6 लाख रुपये निकाले थे। इस बार पुलिस महिला द्वारा दिए गए केवाईसी के जरिए उस तक पहुंची। उस वक्त महिला ने कहा था कि उसने आरोपी कैफ इब्राहिम मंसूरी (32) के कहने पर यह रकम निकाली है। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कैफ मोहम्मद अली रोड पर रह रहा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से 33 डेबिट कार्ड और 12 चेक बुक बरामद की गईं। यह पाया गया कि आरोपियों के पास से जब्त किए गए पांच डेबिट कार्ड के बैंक खाते में इन अपराधों के 44 लाख रुपये थे। साइबर पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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