सरकार ने यात्री कारों के लिए छह एयरबैग अनिवार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग (MoRTH) मंत्री नितिन गडकरी द्वारा घोषित यह निर्णय कार निर्माताओं और उद्योग हितधारकों के लिए एक बड़ी राहत है। द हिंदू बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कदम वाहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाजार ताकतों और उद्योग मानकों में सरकार के विश्वास को रेखांकित करता है। (Six airbags not mandatory for passenger cars says Nitin Gadkari)
अनावश्यक अधिदेश
अपने बयान में मंत्री गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि छह एयरबैग अनिवार्य करना अनावश्यक है। उन्होंने कहा, ''हमें इसे अनिवार्य बनाने की जरूरत नहीं है, कई कार निर्माता पहले से ही स्वेच्छा से अपने वाहनों में छह एयरबैग शामिल कर रहे हैं और बिक्री में वृद्धि का अनुभव कर रहे हैं, जिन लोगों ने इस सुरक्षा सुविधा को शामिल नहीं करने का फैसला किया, उन्हें बाजार के दबाव का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं छह एयरबैग से लैस वाहनों की ओर बढ़ रही हैं"
ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के वार्षिक सत्र में अपने संबोधन के दौरान गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि उद्योग-मानक उपायों का उपयोग करके सुरक्षा को प्रभावी ढंग से आंका जा सकता है। उन्होंने कार के सुरक्षा प्रदर्शन के विश्वसनीय संकेतक के रूप में स्टार रेटिंग और भारत एनसीएपी रेटिंग पर प्रकाश डाला। यह दृष्टिकोण कार निर्माताओं पर अनिवार्य नियमों का अनुपालन करने के बजाय सुरक्षा और गुणवत्ता पर प्रतिस्पर्धा करने का दायित्व डालता है।
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