आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के विशेष निदेशक विनीत अग्रवाल पर गाज गिर ही गयी। उनको तत्काल प्रभाव से गृह राज्य भेज दिया गया है साथ ही उनका कार्यकाल तीन साल कम किया गया है। अग्रवाल ने जब से नीरव मोदी और विजय माल्या मामले की जांच कर रहे अधिकारी को हटाया था तभी से उन पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा था।
3 साल बाकी था कार्यकाल
महाराष्ट्र काडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी विनीत अग्रवाल को ईडी ने मंगलवार को विशेष निदेशक पद से कार्य मुक्त करने का आदेश जारी किया। यह आदेश केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति से मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को आदेश जारी किया गया। उन्हें जनवरी 2017 में 5 साल के लिए प्रवर्तन निदेशालय का जिम्मा सौंपा गया था, उनका कार्यकाल अभी 3 साल बाकी था, लेकिन विवादों के चलते उन्हें 2 साल में ही हटा दिया गया।
चेन्नई के विशेष निदेशक को सौंपा गया पद
आपको बता दें कि मुंबई में ईडी का विशेष निदेशक पश्चिमी क्षेत्र का प्रमुख होता है और उसका महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर नियंत्रण होता है। लेकिन अब अग्रवाल के हटने के बाद यह कार्यभार अब एजेंसी के चेन्नई में तैनात विशेष निदेशक को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि 29 मार्च को अग्रवाल ने संयुक्त निदेशक सत्यव्रत कुमार को नीरव मोदी जांच मामले में कार्य मुक्त करने का आदेश जारी किया था, जिसे लेकर लेकर विवाद हो गया था।