मुंबई में लॉकडाउन के दौरान कड़ी ड्यूटी करनी पड़ी। एक तरफ कोरोना से लड़ना पड़ा, तो दूसरी तरफ अपराधियों से भी। लॉकडाउन के दौरान मुंबई के कई क्षेत्रों में अपराधों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली। खास कर चोरी और ड्रग केस के कई मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने इन सब पर रोक लगाने का फैसला किया है, जिसके लिए 'ऑपरेशन आल आउट' शुरू किया गया है।
इस ऑपरेशन से जुड़े एक अधिकरी ने बताया कि, इस ऑपरेशन में मुंबई पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। अब तक इसमें 362 अपराधियों की जांच की गई थी। साथ ही 22 अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है। साथ ही, एंटी-नार्कोटिक्स एक्ट के तहत 53 मामले दर्ज किए गए हैं।
मुंबई पुलिस ने अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक सक्रिय अभियान शुरू करने के साथ 4 दिसंबर की आधी रात से 'ऑपरेशन ऑल-आउट' शुरू किया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) विश्वास नांगरे पाटिल और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सभी मुंबई पुलिस स्टेशनों में ऑपरेशन का नेतृत्व किया। सभी 5 प्रादेशिक विभागों के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सभी 13 सर्कल विभागों के पुलिस उपायुक्त, सभी विभागों के सहायक पुलिस आयुक्त, सभी पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद थे और व्यक्तिगत रूप से ऑपरेशन का अवलोकन किया।
प्रत्येक पुलिस स्टेशन से अधिक से अधिक लोगों की तैनात की गई। प्रत्येक कार्य के लिए एक समर्पित टीम के साथ-साथ अपराधियों की जांच करने, संदिग्धों कार्यों को देखते हुए होटल, लॉज और मुसाफिरखाना की जांच करने, अगर किसी व्यक्ति के पास हथियार, ड्रग होने की संभवना होने पर उसे हिरासत में लेने, तलाशी के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन, नाकाबन्दी लगाने, फरार आरोपियों और दोषियों की तलाश जल्द से जल्द करने, लंबित पड़ी हुई जमानती और गैर जमानती कार्रवाई को पूरा करने, अवैध शराब और जुए के अड्डों पर कार्रवाई करने, संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्ती बढाने जैसे अन्य कार्यों को पूरा करने और उनमें तेजी लाने पर जोर दिया गया।
उपयोग की गई वस्तुएं, तलाशी और तलाशी अभियान, भगोड़ों और वांछित व्यक्तियों की गिरफ्तारी, लंबित गैर-जमानती वारंटों का निष्पादन और स्थायी वारंट, अवैध शराब, जुआ आदि। इस अभियान का उद्देश्य ऐसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसना, आपराधिक दृश्यता बढ़ाना और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करना था।
ऑल आउट ऑपरेशन के तहत कार्रवाई
गंभीर अपराधों की लिस्ट में आये 362 अपराधियों की जांच।
- 22 बाहरी अपराधी पाए गए और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
ड्रग्स-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 53 मामले, जिनमें से 4 मामले ड्रग के उपभोग से संबंधित हैं।इसके तहत एमडी, मारिजुआना जैसे ड्रग्स जब्त किए गए।
189 स्थानों पर कॉम्बिंग ऑपरेशन किया गया।
- 861 स्थानों पर नाकाबंदी के दौरान 7562 वाहनों का निरीक्षण किया गया।
- एक अवैध बन्दूक, 11 धारदार हथियार (चाकू, तलवार आदि) जब्त।
-48 फरार और वांछित आरोपी गिरफ्तार किए गए।
-95 अवैध गतिविधियों के खिलाफ छापे, गिरफ्तारी और जब्त किए गए।