देशद्रोही शारजील इमाम के समर्थन में घोषणा करने वाली उर्वशी चुडवाला को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दी है।1 फरवरी को, उर्वशी चुडावाला सहित कई लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। न्यायमूर्ति एस के शिंदे ने उर्वशी की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने उर्वशी को 25000 रुपये के मुचलके पर जमानत दी है और उसे 12 और 13 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
कथित रूप से नारे लगाने के लिए राजद्रोह का केस दर्
उर्वशी चुडावाला के खिलाफ शरजील इमाम के समर्थन में एक रैली के दौरान कथित रूप से नारे लगाने के लिए राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था। दक्षिण मुंबई में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लिए इस रैेली का आयोजन किया गया था। अदालत ने इस मामले में अभियोजन पक्ष से पूछा की कि क्या 2015 में हाईकोर्ट द्वारा राजद्रोह के मामलों के लिए स्वीकार किए गए दिशानिर्देशों का पालन किया गया है या नहीं।
उर्वशी के खिलाफ आईपीसी की धारा 124
ए
(देशद्रोह), 153 बी
(राष्ट्रीय एकता के पूर्वाग्रही कथन,
अभ्यारोप)( Imputations, assertions prejudicial to national-integration ), और भारतीय दंड संहिता की धारा
505 के साथ 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।जेएनयू के एक पीएचडी छात्र और आईआईटी मुंबई से मास्टर्स करने वाले एक्टिविस्ट शारजील इमाम को दिल्ली पुलिस ने सीएएए-एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके भड़काऊ भाषणों के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ पांच अलग-अलग राज्यों ने राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है।
उर्वशी को पहले मुंबई की एक अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद से उर्वशी ने बॉम्बे हाईकोर्ट को रुख किया था , बॉम्बे हाईकोर्ट ने उर्वशी को कुछ शर्ते को जमानत दे दी।