इस समय अंडरवर्ल्ड भी हाईटेक और टेकसेवी हो गया है। क्योंकि अंडरवर्ल्ड ऐसे ऐसे तरीके अपना रहा है जिससे की जांच एजेंसियों को कोई भी सबूत न मिले। अगर किसी के पास कोई मैसेज भेजना हो तो टेक्स्ट मैसेज के बजाय वाट्सऐप पर वोइस मैसेज भेजा जाता है और उसे सुन कर डिलीट कर दिया जाता है। डिलीट हुआ मैसेज का कोई भी रिकॉर्ड मोबाइल में नहीं रह पाता और जांच एजेंसियों के हाथ भी कुछ नहीं लगता। इसी ट्रिक का फायदा उठाया था अंडरवर्ल्ड डाॅन दाऊद इब्राहिम के भतीजे और इकबाल कासकर के बेटे रिजवान इकबाल इब्राहिम शेख ने। मुंबई पुलिस ने एक्स्टोर्शन के मामले में गुरुवार को रिजवान को गिरफ्तार किया है।
क्या था मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले बिल्डर, चीन और दुबई से इलेक्ट्रॉनिक की वस्तुएं आयात करने वाले व्यवसाइयों ने शिकायत दर्ज कराई थी। अश्फाक रफीक टॉवलवाला और एक व्यवसायी ने मिल कर एक बिजनस शुरू किया था। बिजनस तो नहीं चला साथ ही व्यसायी का काफी पैसा भी इसमें चला गया।व्यवसायी ने अश्फाक से बिजनस के 15 लाख रूपये मांगे लेकिन अश्फाक देने में आनाकानी करता था। लेकिन जब व्यापारी ने इस रकम के लिए अश्फाक पर बहुत दबाव डाला, तो टॉवेलवाला ने अहमद अफरोज वडारिया से संपर्क किया, जो उस समय दुबई में था। वडारिया ने यह बात दाऊद के भतीजे रिजवान को बताई। रिजवान ने फहीम मचमच से संपर्क किया। फहीम मचमच ने फिर एक धमकी भरा वाट्सऐप ऑडियो बनाया। वह रिजवान, वडारिया के जरिए टॉवेलवाला को भेजा। टॉवेलवाला ने अपने पार्टनर व्यापारी के पास जाकर इसे सुनाया और फिर अपने मोबाइल से इसे डिलीट कर दिया। इसी तरह से एक दिन नशे में फहीम मचमच ने शिकायतकर्ता व्यापारी को धमकी भरा फोन कर दिया और उससे टॉवेलवाला से 15 लाख रुपये नहीं लेने की बात कही। इससे डर कर व्यापारी ने क्राइम ब्रांच से शिकायत किया।
गिरफ्तार हुए तीनों आरोपी
इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि व्यापरी को जो धमकी भरा फोन आया था वह दुबई से आया था।साथ ही पुलिस को इस बात का भी पता चला कि फोन फहीम मचमच ने नहीं बल्कि अहमद ने किया था। साथ ही पुलिस को इसका भी पता चला कि अहमद 2 दिन बाद दुबई से मुंबई आने वाला है। इसके बाद मुंबई आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अहमद की गिरफ्तारी के बाद से रिजवान कासकर भी डर गया। अपने ऊपर होने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए वह दुबई जाने के लिए जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचा उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि पुलिस ने तीसरे आरोपी अश्फाक जिसे डोंगरी से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 22 जुलाई तक पुलिस की कस्टडी में भेज दिया गया है।
सूत्र ने यह भी बताया कि 13 जून के दिन अहमद ने पहली बात व्यापरी को जो वोइस रिकॉर्डिंग भेजा था उसमे उसने कहा था कि अगर उसने फहीम भाई का फोन नहीं उठाया तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसी तरह से अनेक रिकार्डिंग व्यापारी को भेजे गये थे जो अभी भी व्पायारी और हमद के फोन के रिकॉर्ड में है।
सूत्र आगे बताता है कि दरअसल रिजवान का सर नेम पहले कासकर था लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए उसने कोर्ट में एक शपथपत्र देकर अपने नाम के आगे से कासकर हटा दिया और शेख जोड़ लिया। उसके पासपोर्ट में भी उसका नाम मोहम्मद रिजवान इकबाल इब्राहिम शेख दर्ज है।