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पीएमएवाई के औचित्य पर उठ रहे ये सवाल?


पीएमएवाई के औचित्य पर उठ रहे ये सवाल?
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मुंबई - प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत म्हाडा कोकण मंडल में करीब 23 हजार घरों का निर्माण करने वाली है। लेकिन जिन जगहों पर घर बनाए जाने वाले हैं वहां पर बिजली,पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। 

खासकर ये जगहेंं मुंबई और ठाणे से दूर होने के चलते यहां पहुंचने में लोगों को मोटी कसरत करनी पड़ेगी। जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत म्हाडा के इन घरों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिलना म्हाडा को मुश्किल लग रहा है। ऐसी बात म्हाडा के सूत्रों से पता चली है। चर्चा है कि करोड़ों रुपए खर्च करके सरकार और म्हाडा द्वारा बनाए जाने वाले ये घर धूल खाते नजर आएंगे।

शिरठोण, खोनी, गुंठेघर, बारावे, भंडार्ली ऐसे गावों में 23 हजार घरों के निर्माण के लिए कोकण मंडल नेे निविदा मांगी है। इन घरों की बिक्री लॉटरी पद्धति से पीएमएवाय योजना के अंतर्गत किया जाएगा। लेकिन यह घर जिन गावों में बनाए जा रहे हैं उन गावों में 10 से 12 घंटे की लोडशेडिंग होती है। 

कई गावों में बिजली, पानी और सड़क का पता नहीं। वहीं जिन गावों में छह हजार की लोकबस्ती है उन गावों में टॉवर तैयार कर 12 हजार घरों का निर्माण किया जाएगा। म्हाडा के कई अधिकारियों का मानना है कि योजना की व्यवहारिकता को बिना जाने समझे इसका नियोजन किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इन घरों को मुंबई महानगर में रहने वाले लोगों को लिए तैयार किया जा रहा है।

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