कोरोना (Coronavirus) के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा शुरू से ही भीड़ जुटने पर रोक लगाई जा रही है। यदि एक ही स्थान पर एक साथ बहुत सारे लोग जमा होते हैं तो कोरोना संक्रमण (Covid-19 pandemic) बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है। भीड़ को देखते हुए पिछले 5 महीनों से लोकल ट्रेन (local train) सेवा भी बंद किया गया है, जिसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है।लेकिन, अब लोकल शुरू करने के लिए कुछ बदलाव किए जाने की संभावना है। पश्चिम रेलवे (western railway) ने रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त भीड़भाड़ से बचने के लिए क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड पर आधारित प्रवेश द्वार को स्टेशनों के एंट्री गेट पर स्थापित केेरने का फैसला किया है।
अभी हाल ही में रेलवे विभाग ने यात्रियों के लिए QR कोड आधारित पास को अनिवार्य बनाने की बात कही थी। जिसके बाद से सभी स्टेशनों पर QR कोड आधारित गेट लगाए जाएंगे, जिससे अतिरिक्त भीड़ में कमी आने का अंदेशा जताया जा रहा है।
चर्चगेट और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन (Can't) पर इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। चूंकि मेट्रो स्टेशनों पर QR कोड आधारित प्रवेश द्वार इसे स्थापित करने पर भीड़ में कमी आने पर सहायता मिलेगी।
अनलॉक (unlock) का अगला चरण सितंबर में शुरू होने वाला है। आम जनता के लिए स्थानीय सेवाओं को शुरू करने से पहले रेलवे प्रशासन द्वारा विशेष कदम उठाए गए हैं। मुंबई लोकल रोजाना 80 लाख यात्रियों को ले जाती है। इनमें से 35 लाख यात्री पश्चिम रेलवे में यात्रा करते हैं।
चर्चगेट और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के प्रवेश और निकास द्वार पर क्यूआर प्रणाली पर आधारित एक गेट स्थापित किया जाएगा। एक निजी कंपनी की मदद से पश्चिम रेलवे के रेलवे स्टेशनों पर 11 अगस्त को एक क्यूआर-आधारित गेट का निरीक्षण किया गया था। जल्द ही रिपोर्ट रेलवे अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इस रिपोर्ट को पेश करने के बाद स्टेशनों पर प्रवेश द्वारों की संख्या के बारे में जानकारी दी जाएगी।