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मेडीकल महाविद्यालय में सिखनेवाले डॉक्टरों के लिये बीएमसी के अस्पतालों में सेवा अनिवार्य ?


मेडीकल महाविद्यालय में सिखनेवाले डॉक्टरों के लिये बीएमसी के अस्पतालों में सेवा अनिवार्य ?
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बीएमसीक के तीनों अस्पताल केईएम,सायन, नायर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज चलाए जाते है लेकिन इसके बावजूद इन तीनों अस्पताल में ऍनेस्थेशिया के डॉक्टरों की संख्या काफी कम है , जिसके कारण इन तीनों अस्पताल में प्राइवेट डॉक्टरों की सेवा ली जाती है। लेकिन कई बार ये डॉक्टर उपलब्ध ना होने पर कई ऑपरेशन रद्द कर दिये जाते है। हालांकी अब बीएमसी में स्थायी समिति के सदस्यों ने मांग की है की बीएमसी के मेडिकल कॉलेज में पढ़नेवाले डॉक्टरों के लिए कम से कम बीएमसी के अस्पतालों में दो साल कार्य करने की अनिवार्यता की जाए।


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पैसो को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव पास

महापालिका के 17 उपनगरीय अस्पताल में बधियाकरण और रेडीओलजी सेवा उपलब्ध कराई गई थीं। निजी चिकित्सकों को दिये जानेवाले वेतन में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर बीएमसी की स्थायी समिती में इस बारे में चर्चा की गई। इस प्रस्ताव के अनुसार छोटे ऑपरेशन के लिए एक हजार, बड़े ऑपरेशन के लिए डेढ़ हजार, तत्काल शॉर्ट सर्जरी के लिए दो हजार रुपए और बड़े सर्जरी के लिए ढाई हजार रूपये रुपये देने का प्रस्तान पास किया गया।


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कम होगी मरीजों की दिक्कतें

शिवसेना के नगरसेवक राजुल पटेल ने इस प्रस्ताव को पास करने के लिए स्थायी समिति का धन्यवाद किया। राजुल पटेल का कहना है की इसके पहले डॉक्टरों को 500 रुपये मिलते थे, जिसके कारण कई बार डॉक्टर आने से मना कर देते थे। डॉक्टरों के ना आने के कारण मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

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