बॉम्बे मे बॉम्बे हाईकोर्ट की बिल्डिंग बांद्रा सरकारी कॉलोनी में 30 एकड़ जमीन पर बनाई जानी है। गौतम नगर झुग्गी बस्ती में रहने वाले झुग्गीवासियों के इस जगह पर पुनर्वास का मुद्दा गंभीर हो गया था। 100 झुग्गीवासियों ने मालवणी में घर ठुकराकर बांद्रा में ही पुनर्वास की मांग उठाई थी।
बांद्रा मे ही बसाने का फैसला
बांद्रा में ही पुनर्वास के लिए लड़ाई भी लड़ी गई थी। इससे हाईकोर्ट बिल्डिंग प्रोजेक्ट में दिक्कतें आने की संभावना थी। लेकिन अब इन 100 झुग्गीवासियों के पुनर्वास का मुद्दा सुलझ गया है और हाईकोर्ट बिल्डिंग के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। गौतम नगर के निवासियों का संघर्ष सफल रहा है। झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण ने अब इन झुग्गीवासियों को बांद्रा में ही पुनर्वासित करने का फैसला किया है।
30 एकड़ जमीन हाईकोर्ट को दी गई
2.5 एकड़ में झुग्गी झोपड़ी बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग बांद्रा सरकारी कॉलोनी की जगह पर बनेगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 30 एकड़ जमीन हाईकोर्ट को दी गई है और इस जमीन पर बनी सरकारी कॉलोनी की इमारतों को गिरा दिया गया है। इस 30 एकड़ भूमि में से 2.5 एकड़ भूमि गौतम नगर झुग्गी बस्ती की थी।
इस झुग्गी बस्ती में रहने वाले 138 पात्र झुग्गीवासियों का पुनर्वास लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती थी। इन झुग्गीवासियों को बांद्रा के बाहर मालवणी में घर देने का निर्णय लिया गया था। लेकिन झुग्गीवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया और बांद्रा में ही घर देने की मांग उठाई। उन्होंने इसके लिए विरोध किया, झुग्गी प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग से बात की और अब आखिरकार उनकी मांग मान ली गई है। झुग्गी बस्ती प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर के प्रयासों से गौतम नगर के 138 पात्र झुग्गीवासियों में से 100 का अब बांद्रा में ही पुनर्वास किया जाएगा। 95 झुग्गीवासियों को घर देने के लिए निर्णय लिया गया है और लॉटरी भी निकाली गई है।
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