29 सितंबर 2017 को एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के ब्रिज पर भगदड़ से 23 लोगों की मौत हो गई थी और 33 लोग जख्मी हो गए थे। इस मामले में रेलवे के साथ साथ महाराष्ट्र सरकार की भी काफी किरकिरी हुई थी। घटना के तुरंत बाद रेलवे मंत्री ने एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन सहित करी रोड और आंबिवली रेलवे स्टेशन पर नया ब्रिज बनाए जाने की घोषणा की थी, साथ ही यह सारे ब्रिज आर्मी द्वारा बनवाने की घोषणा भी की गयी थी।
अब एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर ब्रिज बन कर तैयार हो गया है। इस ब्रिज पर यात्रियों ने 1 जनवरी से ही आना जाना शुरू कर दिया, जबकि रेलवे की तरफ से इस ब्रिज के उपयोग करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है।
आर्मी द्वारा तैयार किए गये इस ब्रिज के उपयोग करने के बारे में आर्मी द्वारा भी तभी तक कोई मंजूरी नहीं दी गयी थी। सवाल उठ रहा है कि बिना आधिकारिक घोषणा के यह ब्रिज यात्री कैसे उपयोग करते हैं? अगर कुछ घटना घटित हो जाएं तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
इस ब्रिज का निर्माण कार्य 5 नवंबर 2017 से शुरू हुआ था और इसे 31 जनवरी 2018 को खोला जाना था। ब्रिज का निर्माण जल्दी हो इसीलिए यह काम आर्मी द्वारा करवाया गया था।