बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस ट्रस्टी की जामनत को नामंजूर कर दिया जिसके ऊपर आरोप है कि उसने 3 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण किया है। साथ ही कोर्ट ने ट्रस्टी को पेश होने को भी कहा है। यह शख्स अंधेरी के एक नामी स्कूल का ट्रस्टी है।
क्या था मामला?
2017 में तीन साल की लड़की के साथ यौन शोषण हुआ था। मामला उस समय सामने आया जब लड़की स्कूल जाने से इनकार कर रही थी और मां ने उससे पूछा तो उसने सब कुछ बता दिया। महिला ने MIDC पुलिस से इस बात की शिकायत की। पुलिस ने इस मामला में स्कूल के फ्रेंच ट्रस्टी के खिलाफ केस दर्ज उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन कुछ समय बाद ही फ्रेंच ट्रस्टी को बेल मिल गयी और वह फिर से स्कूल में आने जाने लगा।
जमानत का विरोध करते हुए पीड़ित बच्ची के परिजनों ने हाईकोर्ट से गुहार लगायी। इस मामले की सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस की भी भूमिका पर सवाल उठाते हुए फटकार भी लगायी।
पुलिस को फटकार
कोर्ट ने फटकार लगाए हुए कहा MIDC पुलिस से पूछा कि पीड़ित बच्ची से पूछताछ करने के लिए उसे पुलिस स्टेशन बार बार क्यों बुलाया जाता है? पुलिस की कार्य पद्धति पर नाराज होते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो लोग अपने बच्चों के साथ हुए घटना की रिपोर्ट लिखवाने आगे नहीं आएंगे।
सोमवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फ्रेंच ट्रस्टी की जामनत को नामंजूर कर दिया। कोर्ट के इस फैसले पर पीड़ित बच्ची के पिता ने राहत जताई।