सीबीएसई बोर्ड के गणित (कक्षा दसवीं) और इकोनॉमिक्स (कक्षा बारावी) के पेपर लीक मामले में पुलिस ने बिहार और झारखंड के 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि पेपर बिहार से लीक हुआ था। इनमें एबीवीपी (भाजपा के छात्र विंग) झारखंड नेता सतीश पांडे भी शामिल हैं। सतीश बिहार के चतरा जिले के जतराहीबाग में निजी कोचिंग सेंटर ‘स्टडी विजन’ चलाता है। सतीश का एक और साथी पंकज सिंह भी गिरफ्तार हुआ है।
झारखंड-बिहार से हुए गिरफ्तार
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आ रही है कि हिरासत में लिए गए एबीवीपी के जिला संयोजक और उसके सहयोगी से पूछताछ के बाद एसआईटी ने झारखंड-बिहार के अलग-अलग जिलों से लगभग दो दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। जो 12 लोग गिरफ्तार हुए हैं उनमे से 9 नाबालिग छात्र हैं। यही नहीं इस बात की भी खबर मिल रही है कि यह दोंनो प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही वाटसऐप में लीक हो गए थे।
35 से लेकर 5 हजार में बिका पेपर
इस बारे में अधिक मीडिया से बात करते हुए एसपी अखिलेश बी.वारियर ने बताया कि प्रश्न-पत्र 28 मार्च को ही लीक हो गया था। वारियर के मुताबिक लीक करने वालों ने पैसे देकर पेपर ख़रीदा और उसे सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को भेज दिया। उन्होंने आगे कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार 9 नाबालिगों को बल सुधार गृह भेज दिया गया। इन पेपरों को शुरू में वाट्सऐप की सहायता से 35,000 रुपये में बेचा गया था. लेकिन बाद में इन पेपरो को धड़ल्ले से मात्र 5000 रूपये में बेचा जाने लगा।
बैंक भी हैं शक के घेरे में
इस मामले में देश के कुछ राष्ट्रीय बैंक भी शक के दायरे में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीएसई के पेपर स्कूलों में जाने से पहले बैंकों के लॉकर में जमा किये जाते हैं। अब इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि क्या बैंक से ही पेपर लीक हुआ? इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई के कंट्रोलर के.के चौधरी समेत तीन अधिकारियों से भी पूछताछ की।
आपको बता दें कि कक्षा 12 अर्थशास्त्र के और 10 वीं गणित का पेपर परीक्षा से एक दिन पहले ही लीक हो गया था। अब इस बारे में सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं का पेपर पूरे देश में फिर से कराया जायेगा साथ ही 10वीं का पेपर मात्र दिल्ली और हरियाणा में कराया जायेगा। हालांकि इस री-एग्जाम का विरोध किया जा रहा है।