बताया जाता है कि मूल रूप से कोंकण के वेंगुर्ला के रहने वाले राजेश नाइक तीन साल से मुंबई में लोकल चला रहे हैं। अप्रैल महीने में नाइक के घर एक बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन नाइक की पत्नी गाँव में थी, जिसे देखने के लिए नाइक अपने गांव गया। जब वह गांव गया तो उसने अपना घर बनाने के लिए अपने पिताजी के खाते में ऑनलाइन छह लाख रुपए भेजा। लेकिन नेट कनेक्शन कमजोर होने के कारण पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाया। यही नहीं पत्नी और बच्चे की देखभाल के कारण नाइक इस तरफ अधिक ध्यान नहीं दे पाया कि उसका पैसा ट्रांसफर हुआ या नहीं?
इसी दौरान 14 अप्रैल के दिन नाइक के मोबाइल पर एक मैसेज आया जिस पर एक लिंक दिया हुआ था। साथ ही लिंक के साथ छह लाख रुपए ट्रांसफर करने के बारे में भी कुछ लिखा हुआ था। थोड़ी देर में नाइक के मोबाइल पर एक लड़की ने फोन किया। लड़की ने फोन पर नाइक से कहा कि वो आईसीआईसीआई बैंक से बोल रही है। लड़की ने आगे कहा कि, किसी कारण से आपका पैसा ट्रांसफर नहीं हो सका, अगर आप अपने बैंक खाते की डिटेल्स दे दें तो आपका पैसा हम ट्रांसफर कर देंगे। चूंकि नाइक का खाता आईसीआईसीआई बैंक में ही था तो नाइक को लड़की की बात पर भरोसा हो गया और उसने बैंक खाते का डिटेल्स बता दिया।
मुंबई आने के कुछ दिन बाद नाइक पैसे निकालने के लिए जब बैंक गया तो उसे पता चला कि उसके खाते में एक भी पैसे नहीं हैं। यह सुन कर नाइक के होश उड़ गये। नाइक ने सारी बात बैंक अधिकारी को बताई। इसके बाद नाइक ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मेरी आज तक की सभी जमापूंजी चोरों ने चुरा लिया। मेरी छोटो बच्ची और पत्नी है, दोनों की जिम्मेदारी मुझ पर है दोनों के दवाई उअर देखभाल का जिम्मा भी मुझ पर है। अब आगे क्या होगा मुझे नहीं पता?
राजेश नाईक, पीड़ित