अजित पवार के बीजेपी को समर्थन देने के बाद महाराष्ट्र की राजनिती में भूकंप आ गया। अजित पवार के इस कदम के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने सभी विधायको की बैठक बुलाई। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने मीडिया को बताया की एनसीपी की इस बैठक में 40 विधायक मौजूद रहे, 6 विधायक जल्द ही पार्टी में वापस लौटेंगे और 5 विधायकों से संपर्क नहीं हो पाया है। आपको बता दे की हालही में हुए विधानसभा चुनाव में एनसीपी को 54 सीटें आई थी। इस बैठक में धनंजय मुंडे भी मौजूद रहे। धनंजय मुंडे पर भी बीजेपी का साथ देने का आरोप लगा था।
बहुमत परीक्षण में बीजेपी को हराएंगे
एनसीपी नेता और प्रवक्ता नवाब मलिक ने बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा की" अजित पवार ने जो पत्र राज्यपाल को दिया था वह एनसीपी के विधायकों की बैठक की लिस्ट थी और अजित पवार ने उसका दुरुपयोग किया, पार्टी अजित पवार के फैसले के साथ नहीं है और बीजेपी को बहुमत साबित करने से रोकने के लिए तीनों ही पार्टियां एक साथ काम कर रही है , बीजेपी को बहुमत परीक्षण में तीनों पार्टी मिलकर हराएंगे।
अजित पवार को पद से हटाया
पार्टी की बैठक में इस बात पर भी सर्वसम्मति बनी की अजित पवार को पार्टी विधायक दल के नेता से हटा दिया जाए। अजित पवार के बाद अगला पार्टी विधायक दल नेता चुने जाने तक जयंत पाटील को इस पद का कार्यभार सौपा गया है।
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