BMC ने पानी का 24,916 रुपये के बिल का भुगतान नहीं करने के कारण मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास वर्षा बंगले (chief minister residential bungalow varsha) को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री के बंगले के अलावा, अन्य मंत्रियों के सरकारी आवासों में आपूर्ति होने वाले पानी के बिल को नहीं भरा गया है। जिसके बाद कुल बिल का बकाया राशि बढ़कर 24 लाख 56 हजार 469 रुपये हो गई है। विधानसभा में चल रहे सत्र के पहले दिन ही यह चौकानें वाली बात सामने आने के बाद से अब आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
आरटीआई कार्यकर्ता (RTI activist) शकील अहमद शेख ने मुंबई नगर निगम की वेबसाइट से पानी के बकाया के बारे में जानकारी एकत्र की है। इस जानकारी के अनुसार, जिन बंगले के पानी का बिल बाकी है, उसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (वर्षा बंगला), मुख्यमंत्र्यांच्या सुरक्षाकर्मी (तोरणा), अर्थमंत्री अजित पवार (देवगिरी), जयंत पाटील (सेवासदन), नितीन राऊत, उर्जा मंत्री (पर्णकुटी), बालासाहेब थोराट, राजस्व मंत्री (रॉयलस्टोन), विरोधी पक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (सागर), अशोक चव्हाण (मेघदूत) उद्योगमंत्री सुभाष देसाई (पुराने), दिलीप वलसे पाटील (शिवगिरी), सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) मंत्री एकनाथ शिंदे (नंदनवन), राजेश टोपे (जेतवन), नाना पाटोले, विधानसभा अध्यक्ष (चित्रकुट), राजेंद्र शिंगे (सातपुडा), नवाब मलिक (मुक्तागीरी), छगनराव भुजबल (रामटेक), रामराजा निंबालकर विधानभवन सभापती (अजंता) और सह्याद्री गेस्ट हाउस का भी नाम शामिल है।
इस बारे में शकील अहमद शेख ने सरकार से पूछा है कि, अगर सरकारी विभाग समय पर पानी के बिल का बकाया भुगतान नहीं करते हैं, तो आम जनता को भुगतान क्यों करना चाहिए? साथ ही, क्या BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल (iqbal singh chahal) इन सभी मंत्रियों के सरकारी आवासों के पानी का कनेक्शन काटने की हिम्मत करेंगे?