मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उस केस को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है जिसमें indiascoop.com नामकी एक वेबसाइट ने यह दावा किया है कि नालासोपारा हथियार बरामदगी केस में मुख्यमंत्री फडणविस ने जांच एजेंसियों को धीमी गति से जांच करने का आदेश दिया है।
बड़ा नेता होगा गिरफ्तार?
indiascoop.com ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नालासोपारा हथियार बरामदगी मामले में जिस तरह से सनातन संस्था के कई लोगों की गिरफ्तारी हो रही है वह सभी छोटे लोग हैं। वेबसाइट ने इस पर आशंका जताई कि इस मामले में कोई 'बड़ा नेता' गिरफ्तार होगा।
पीएम आ सकते हैं घेरे में?
रिपोर्ट के मुताबिक जिस तरह से कट्टर हिंदू समूह के लोग गिरफ्तार हो रहे हैं अगर उसकी सही से जांच की जायेगी तो इसकी आंच कई RSS और बीजेपी नेताओं तक पहुंच सकती है जिससे बीजेपी पार्टी पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लग सकता है, यही नहीं जांच के घेरे में खुद पीएम मोदी आ सकते हैं। इसीलिए मुख्यमंत्री की तरफ से महाराष्ट्र एटीएस को जांच में ढिलाई बरतने का आदेश दिया गया है।
महाराष्ट्र एटीएस नहीं कर रही है सहयोग
इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कांग्रेस ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि, रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि गौरी लंकेश मर्डर मामले में महाराष्ट्र एटीएस को कर्नाटक एसआईटी का सहयोग नहीं करने की भी बात सामने आई है। बकौल सावंत अगर यह बात सही है तब यह मामला बेहद ही गंभीर है। आरोप लगाते हुए सावंत ने कहा कि इस मामले में मुख्य सूत्रधार तक पहुंचने की इच्छाशक्ति सरकार की तरफ से बिलकुल नजर नहीं आती।
'भिड़े और आठवले की गिरफ्तारी क्यों नहीं?'
सावंत ने आगे कहा कि इस मामले में शिवप्रतिष्ठान से भी जुड़े कुछ लोग संदेह के घेरे में हैं तो अभी तक शिवप्रतिष्ठान के प्रमुख संभाजी भिड़े से क्यों नहीं पूछताछ की गयी और जिस सनातन संस्था के इतने सदस्यों को गिरफ्तार किया गया उस संस्था के प्रमुख जयंत आठवले से भी पुलिस ने पूछताछ करना उचित नहीं समझा। इसीलिए इस वेबसाइट की रिपोर्ट सौ फीसदी सही है।
हालांकि यह मामला जांच का विषय है और इस मामले में अभी कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन जिस तरह से इस रिपोर्ट को पेश किया गया है उससे सरकार सहित जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठ रहे हैं, लिहाजा सरकार को आगे आकर इस पर स्प्ष्टीकरण देना चाहिए।