महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी (Maharashtra Governor bhagat singh koshyari) ने महाविकास आघाड़ी सरकार (malavikas aghadi government) को पत्र लिखकर विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की है। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता नाना पटोले (nana patole) द्वारा विधानसभा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से ही यह पद खाली पड़ा है। हालांकि इस चुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी की सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
भगत सिंह कोश्यारी ने विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवल को पत्र भेजकर कहा है कि खाली पड़े विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव जल्द से जल्द होना चाहिए। साथ ही लेटर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि, अध्यक्ष का चुनाव कब किया जाए, इसका फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जाए और इसकी सूचना राज्यपाल को तत्काल दी जाए।
पिछले कुछ महीनों से राज्यपाल और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध को देखते हुए सत्ता पक्ष को राज्यपाल की तरफ से ऐसे किसी पत्र के आने की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। इसलिए सरकार पहले से ही चौकन्नी थी। इसे देखते हुए सत्ता धारी पार्टियों ने अधिवेशन के अंतिम चरण में ही विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने का निर्णय लिया था। विपक्ष को बैठे बिठाये मुद्दा न मिले इसलिए गुप्त मतदान के बदले ध्वनि मत से अध्यक्ष चुने जाने का निर्णय लिया गया है, इसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है।
इस बीच, विधिमंडल के कामकाज मंत्री अनिल परब (anil parab) ने कहा कि, राज्यपाल को विधानसभा के अध्यक्ष के चुनाव के साथ साथ विधान परिषद में खाली पड़े राज्यपाल द्वारा नियुक्त 12 विधायकों के चयन पर भी ध्यान देना चाहिए।
तो दूसरी तरफ, विधान सभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस (devendra fadnavis) ने तंज कसा कि, यह पहली बार है जब मैंने ऐसी सरकार देखी है जो अपने ही विधायकों से डरती है।सरकार इस बात को लेकर अधिक चिंतित है कि उसका उम्मीदवार जीतेगा या नहीं। लेकिन यह अच्छा है। इससे हमारा मनोरंजन हो रहा है और विधायकों को भी फायदा हो रहा है।