मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने एक बार फिर से मराठी अस्मिता और भाषा के मुद्दे को हवा दी है। मनसे कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एक होटल और एक ज्वेलर्स की दूकान के सामने आंदोलन किया। मनसे का यह विरोध इन दूकानों के होर्डिंग मराठी भाषा में न होने के लिए था। यह दोनों दूकान गुजराती व्यापारी की है।
माहिम में शोभा होटल और प्रभादेवी के पु ना गाडगिल ज्वेलर्स की दूकान के सामने कई मनसे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इनका विरोध था कि इन दूकानों के होर्डिंग मराठी भाषा में न होकर गुजराती भाषा में है। इन्होने दूकान के बोर्ड को उखाड़ दिया।
बता दें कि कुछ साल पहले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के सभी दुकानदारों को अपने दूकान की होर्डिंग मराठी भाषा में बनाने के लिए चेतावनी दिया था, और ऐसा न करने के लिए मनसे स्टाइल में आंदोलन करने की धमकी भी दी थी।
मनसे प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने इस बारे में कहा कि गुजराती होर्डिंग का मुंबई से क्या संबंध है? लोग गुजरात का बिल भर रहे हैं क्या? गुजरात का पानी पी रहे हैं क्या? गुजरात की जमीन प्रयोग कर रहे हैं क्या? संदीप देशपांडे ने आगे कहा कि हम गुजरातियों की दादागिरी नहीं चलने देंगे।
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